TodayPati

कतेक बदलल देखलहुँ समाजक हाल,
कखनो हँस्सी, कखनो सवाल ।
सपना सजल अछि सबके हृदय बीच,
तथापि बुझाइत अछि—राहि भेल नीक ?

राजनीति मे ध्वनि, विकासक गान,
जनता सुनैत छलाह झुठ्ठा बखान ।
युवाक हाथ मे बेरोजगारीक बोझ,
कखन भेटत हुनकर रोज ?

नारीक सम्मान के कखन धरि न्याय ?
की एतबे धरि रहत ? सवालक उपाय ?
पर्यावरण कनैत आ नदि–नहर सूखायल,
की हम मानव बनलहुँ अपना धरि खायल ?

समय करैत अछि प्रतिदिन नब सवाल,
उत्तर भेटय, से कठिन अछि हाल ।
जागल समाज, जौं बदलत सोच,
हर सवालकें उत्तर भेटत नीक ।

               श्रवण पासमान 
               विदेह ना.पा–७ धनुषा 
               हालः जडिबुटि, काठमाण्डौं

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